Saturday , March 23 2019
Home > Crime > 2 घंटे, 12 हमले, 257 जानें और सहम गई मायानगरी, 25 साल बाद भी ताजा है जख्म
aniversary of mumbai serial blasts photos

2 घंटे, 12 हमले, 257 जानें और सहम गई मायानगरी, 25 साल बाद भी ताजा है जख्म

12 मार्च 1993 का वो दिन जिसने पूरे मुंबई के अंदर दहशत पैदा कर दी थी। आज से ठीक 25 साल पहले, 12 बम धमाकों से कभी न थमने वाली मायानगरी इस कदर रुक गई थी कि आज भी उस पल को याद कर सब मौन हो जाते हैं। 12 मार्च 1993 को 12 सिलसिलेवार बम धमाके हुए। इन धमाकों ने मुंबई ही नहीं बल्कि पूरे देश में दहशत पैदा कर दी थी।

अंडरवर्ल्ड का सरगना दाऊद इब्राहिम, दुबई में रहते हुए भी इन धमाकों को अंजाम दे गया था। दाऊद के इशारे पर उसके साथी टाइगर मेमन ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खौफनाक मंजर को अंजाम दिया था। ये 2 घंटें 257 लोगों 257 लोगों की जान ले गए थे और कुल 713 लोग इस हमले में घायल हुए थे। देश की संपत्ति का नुकसान, किसी का बाप तो किसी का बेटा तो कहीं पूरा का पूरा परिवार ही उजड़ गया। किसी के सर से मां का साया उठा तो कोई विध्वा आज भी दाऊद को फांसी पर लटकते देखने का इंतजार कर रही है। ये सारा खेल 2 घंटों में हुए उन 12 बम धमाकों से हुआ था। मुंबई धमाकों की भयावह तस्वीरें आज भी उस खौफ को पैदा कर देती है और जैसे ही दाऊद का नाम लिया जाता है तो मुंबई वालों के जख्म हरे हो जाते है।

 

aniversary of mumbai serial blasts photos 3

1993 मुंबई बम ब्लास्ट में स्टॉक एक्सचेंज, सी रॉक होटल, एयरपोर्ट और जुहू स्थित दोनों सेंटॉर होटल, एयर इंडिया, शिवसेना भवन, दादर में बना प्लाजा थिएटर और सेंचुरी बाजार मुख्य निशाना बनेे थे।

इस हमले में सार्वजनिक वाहनों को भी निशाना बनाया था। इस हमले ने पहली बार देश को आतंक के खौफ से परिचित करवाया था। दाऊद इब्राहिम ने 6 दिसंबर, 1992 की बाबरी मस्जिद विध्वंस और जनवरी 1993 में मुंबई में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद इस हमले को अंजाम दिया था।

इन हमलों की जांच कर गुनहगारों का पता लगाना मुंबई पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी। जिसके चलते मुंबई पुलिस को 3 साल लगे थे इन हमलों की चार्जशीट का दाखिल करने में। वहीं कोर्ट ने 14 साल से अधिक समय के बाद 12 सितंबर, 2006 को इन हमलों पर टाडा अदालत ने अपना फैसला सुनाया था। टाडा कोर्ट ने अपने फैसले में 12 दोषियों को फांसी और 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

 

aniversary of mumbai serial blasts photos 2

लेकिन इन 12 दोषियों में से सिर्फ याकूब मेमन को ही फांसी दी गई जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अन्य 11 की फांसी की सजा को उम्रकैद में ही बदल दिया था।

 

ये भी पढ़ें

भारत में कानून कैसे बनता है?

हमारे देश में कानून को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाती है, संविधान से चलने वाले …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *