Sunday , November 18 2018
Home > Understand India > अमित शाह ने बैंक में जमा करवाए 745 करोड़ पुराने नोट
ahmedabad-district-cooperative-bank-rti-exposed-amit-shah-demonetisation

अमित शाह ने बैंक में जमा करवाए 745 करोड़ पुराने नोट

नवंबर 2016 में नोटबंदी हुआ तो पक्ष ने कहा कि ये काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक है। वहीं, विपक्ष ने कहा कि यह आम जनता पर सरकार द्वारा गिराया गया बम है। नोटबंदी के दौरान काला धन सफेद करने के आए मामले के बाद विपक्षियों ने नोटबंदी को एक घोटाला करार दिया था। अब नोटबंदी से कितना काला धन आया है और आर्थिक तौर पर भारत कितना मजबूत हुआ ये तो जगजाहिर है।

लेकिन एक बार फिर से RTI से हुए खुलासे के बाद नोटबंदी सुर्खियों में है। विपक्ष द्वारा घोटाला करार दिए गए इस मामले में किसी और का नहीं बल्कि सीधे तौर पर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम है।

क्या है मामला?

गुजरात का नाम सुनते ही आपके मन में मोदी का नाम जरूर आता होगा। गुजरात में पिछले 20 साल से BJP की सरकार है। जब 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी लागू हुई थी तब 14 नवंबर, 2016 के बाद से सभी जिला सहकारी बैंकों को लोगों से प्रतिबंधित नोट जमा करने से मना कर दिया गया था क्योंकि यह संभावना जताई गई थी कि सहकारी बैंकों के जरिए काले धन को सफेद किया जा सकता है।

द क्विंट पर छपी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान अहमदाबाद जिला सहकारिता बैंक में नोटबंदी के दौरान सबसे अधिक पैसा जमा हुआ। इन पांच दिनों के अंदर इस बैंक में 745.59 करोड़ प्रतिबंधित  नोट जमा हुए। जरा सोचिए इतना पैसा गिनने में कितने दिन लगे होंगे?

अमित शाह और बीजेपी नेताओं के नाम कैसे?

बैंक की वेबसाइट के अनुसार, अमित शाह कई साल से इस बैंक के अध्यक्ष हैं। इस लिंक के जरिए वेबसाइट पर जाकर आप भी देख सकते हैं। अहमदाबाद जिला सहकारिता बैंक (Ahmedabad District Co-operative Bank – ADCB) के अलावा इस दौरान सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट राजकोट के जिला सहकारिता बैंक में जमा  हुए थे। इस बैंक में 693.19 करोड़ प्रतिबंधित नोट जमा हुआ और इस बैंक के चेयरमैन जयेशभाई विट्ठलभाई रदाडिया हैं। ये इस समय गुजरात में बीजेपी सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर हैं। हैरानी वाली बात ये है कि इसी दौरान गुजरात राज्य सहकारिता बैंक (Gujarat State Cooperative Bank) में मात्र 1.1 करोड़ रुपये ही जमा हुए।

Ahmedabad District Cooperative Bank RTI Exposed Amit Shah Demonetisation

यह जानकारी मुंबई के मनोरंजन एस रॉय (Manoranjan S. Roy) ने RTI (सूचना का अधिकार) से प्राप्त की है। सवाल ये है कि बीजेपी नेताओं की अध्यक्षता वाले सहकारिता बैंकों में क्या हुआ कि पांच दिन में कुल 1300 करोड़ जमा हो गए?

नोटबंदी के बाद बीजेपी पार्टी फंड में 81 प्रतिशत इजाफा हुआ-

आपको बता दें कि BJP अध्यक्ष अमित शाह ने नोटबंदी के बाद 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में अपनी पार्टी की संपत्ति में 81.18 प्रतिशत इजाफा किया। बीजेपी की पार्टी फंड में यह बढ़ोतरी 570.86 करोड़ रुपये से 1034.27 करोड़ हुई है। ह आंकड़ा ADR ने जारी किया था जिसे आप वेबसाइट पर देख सकते हैं।

दिलचस्प बात ये है कि इस दौरान कांग्रेस पार्टी की आय में बढ़ोतरी मात्र 14 प्रतिशत हुई जोकि 225.36 करोड़ रुपये थी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी के दौरान अमित शाह ने अपनी पार्टी की संपति बढ़ाने के लिए नियम व कानून का भी उल्लघंन किया। साथ ही सुरजेवाला ने कहा कि नोटबंदी काले धन को सफेद बनाने के लिए की गई आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला था।

राहुल गांधी ने अमित शाह पर कसा तंज-

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर बीजेपी अध्यक्ष पर तंज कसा है। उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि “पांच दिन में 750 करोड़ रुपये पुराने नोटों को बदलने का पहला पुरस्कार जीतने पर अहमदाबाद सहकारी बैंक के निदेशक अमित शाह को बधाई! नोटबंदी ने जहां लाखों भारतीयों का जीवन नष्ट कर दिया वहीं, आपकी इस उपलब्धि पर मैं आपको सलाम करता हूं।”

 

By Vibek Dubey

ये भी पढ़ें

Atal Bihari Vajpayee age 10 unseen pics facts

अटल बिहारी वाजपेयी की 10 दुर्लभ तस्वीरें और रोचक तथ्य

भारत के 93 साल (उम्र) के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *