Wednesday , December 19 2018
Home > Crime > मासूमों ने अभी उड़ान भरनी थी सपनों की लेकिन कुचल दिए गए, जिम्मेदार कौन?
Bihar-9-kids-killed

मासूमों ने अभी उड़ान भरनी थी सपनों की लेकिन कुचल दिए गए, जिम्मेदार कौन?

उन मासूमों की सिर्फ़ इतनी सी गलती थी कि वो अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए स्कूल जाते थे और स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापसी में घर लौटकर अपने लिए कुछ सपने संजोया करते थे, इसी बीच कुछ ऐसा घटा की जिसने सारे अरमानों पर पानी फ़ेर दिया।

 

मैं चला जाऊं तो फिक्र ना करना,
बस अपने कंधे पर मेरा सर रखना,
मेरे जनाज़े में कोई आँसू ना बहाए, 
बस इतना सा करम मुझ पर करना।।। 

 

घटना शनिवार की बिहार के मुजफ्फरपुर ज़िले के धर्मपुर गाँव की है, हर रोज़ की तरह स्कूल से बच्चे घर लौट रहे थे, लेकिन उस शाम घर ना पहुँच सके। हाइवे के किनारे-किनारे घर लौटते बच्चों पर एक अनियंत्रित गाड़ी चढ़ गई, इस हादसे में 9 बच्चों की मौत हो गई जबकि 20 बच्चे बुरी तरह घायल हैं।

 

राष्ट्रीय राज्य मार्ग 77 पर तेज़ रफ़्तार से आती बोलेरो कार ने बच्चों को अपनी रफ़्तार की चपेट में ले लिया, चालक नशे में धुत था और गाड़ी नियंत्रण से बाहर थी, और तेज़ रफ़्तार से बच्चों को कुचलता हुआ मौके से फ़रार हो गया। घटना के बाद चारों तरफ चीखना चिल्लाना लगा हुआ था, और बच्चे ख़ून से लथपथ दर्द से कराह रहे थे।

 

आनन फानन में घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 9 बच्चों को नहीं बचाया जा सका और 20 से ज़्यादा घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं जिनका इलाज अभी भी चल रहा है। मृतकों की उम्र 7 से 13 साल बताई जा रही है। ये दुर्घटना इतनी दर्दनाक है कि जिसे शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल होगा।

 

इंद्रदेव भी एक ऐसे ही पिता हैं जिन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने स्कूल भेजा ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके। लेकिन अब राज मिस्त्री का काम करने वाले इंद्रदेव आँखों में आँसू लिए ये तय नहीं कर पा रहे थे कि पहले अपनी बेटी नीता कुमारी का अंतिम संस्कार करें या फिर घायल बेटे चमन का अस्पताल में इलाज करवाएं।

 

नीता और चमन इसी सरकारी स्कूल में पढ़ते थे, नीता चौथी कक्षा में और चमन तीसरी कक्षा में पढ़ रहे थे लेकिन इस हादसे ने सबकुछ ख़त्म कर दिया। जब ये हादसा हुआ तब इंद्रदेव धर्मपुर से क़रीब 10 किलोमीटर दूर अहियापुर में काम कर रहे थे।

 

हादसे के ग़म में डूबे इस पिता ने दिल पर पत्थर रख कर अपने बेटे का इलाज मुज़फ़्फ़रपुर के सरकारी अस्पताल SKMCH (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में शुरू करवा दिया। घायलों में 7 की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें रविवार को पटना के IGIMS रेफ़र किया गया।

 

अपनी औलाद को खोने का ग़म कोई क्या बयाँ करे, अनवारुल ने इस हादसे का मंज़र इन लफ़्ज़ों में बयां किया, “ख़बर मिली कि बच्चों को ठोकर लग गई है तो हमलोग दौड़ कर वहां पहुंचे, वहां पहुंचे तो देखा कि बच्चे बिखरे पड़े थे, ठोकर इतनी जोर से मारी गई थी कि कई बच्चे तो पेड़ पर भी लटके हुए थे।

 

ख़ून से सनी वो किताबें जिन्हें बड़े उल्लास के साथ वो स्कूल बैग में रख कर स्कूल पहुंचे और फिर कभी वापस नहीं लौट सके.. इस भयभीत कर देने वाले हादसे को देख कर किसी की भी रूह काँप उठेगा।

 

अनवारुल लुधियाना में कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं, और परदेस में मज़दूरी कर परिवार का पेट पाल रहे हैं, लेकिन अब वो वापस नहीं जाना चाहते ना ही अब किसी के लिए कमाना चाहते हैं। इस दुर्घटना ने उनकी बेटी को छीन लिया जो कि बहुत बड़ा सदमा है।

 

ठीक ऐसा ही हाल धर्मपुर गाँव के हरिदा टोले के गगनदेव सहनी का है, गगनदेव ने इस हादसे में अपने 12 साल के बेटे को खो दिया। बिरजू को गगनदेव कम से कम मैट्रिक तक पढ़ाना चाहते थे क्योंकि उनके यहां आठवीं से आगे कोई नहीं पढ़ा है।

 

बिरजू अपने पापा से हमेशा यही कहता था कि पढ़ लेंगे तो ज़िन्दगी में कुछ बन जायेंगे, और गगनदेव भी उसे यही समझाते कि जीवन में अगर हमेशा कोई तुम्हारा साथ देगी तो वो है सिर्फ पढ़ाई… लेकिन अब बिरजू इस दुनिया में नहीं है वो भी सिर्फ़ दूसरे की लापरवाही की वजह से, वरना उस बेचारे का क्या क़सूर वो तो ज़िंदगी को ज़िन्दादिली से जी ही रहा था।

bihar-9-children-die-hit-and-run-manoj-baitha

 

सुशासन बाबू ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जाँच के आदेश दे दिये हैं और थोड़ा दुःख भी जताया है, साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी कर दी है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मारे गए बच्चों के परिवार को 4-4 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान अविलंब देने का निर्देश अधिकारियों को दिया है, और घायल बच्चों के समुचित इलाज के लिए निर्देश जारी किए। ये सब तो बतौर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते किसी का भी पहला कर्तव्य बनता ही है।

 

बहरहाल मुज़फ़्फ़रपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने बताया कि बोलेरो कार चालक नशे की हालत में बहुत अधिक रफ़्तार से कार चला रहा था जिस वज़ह से ये हादसा हुआ। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है और चालक की तलाश जारी है।

 

गौरतलब है पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के वक्त BJP नेता मनोज बैठा खुद अपनी गाड़ी चला रहे थे। हैरानी इस बात की हो रही है कि बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगा हुआ लेकिन इस घटना ने नशा मुक्त बिहार पर और शराबबंदी पर चल रहे अभियान की पोल खोल के रख दी है। सत्ता के नशे में चूर ये नेता दिन में भी नशा कर के गाड़ी चला रहे हैं और ऐसी मासूमियत को दफ़नाते जा रहे हैं।

 

 

 

पुलिस अब तक मनोज बैठा की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित मृतक बच्चों के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि दुर्घटना के वक्त भाजपा के नेता मनोज बैठा नशे में धुत थे। वहीं, बैठा को बचाने की पूरी कोशिश BJP और JDU कर रही है, मामला इतना गंभीर है कि किसी का भी बीच में दखलंदाजी देना भारी पड़ सकता है। फ़िलहाल मनोज बैठा को पार्टी से निलंबित कर दिया है और पुलिस तलाश में जारी है।

 

सुशासन की बड़ी बड़ी बातें करने वाले नीतीश कुमार ने सिर्फ़ घायलों पर होने वाले ख़र्च व जल्द स्वस्थ होने की कामना तो कर दी,लेकिन ये नहीं बता पा रहे हैं कि ऐसी दुर्घटनाएं कब रोकी जाएगी। जो ना की किसी परिवार को झकझोर के रख देती है बल्कि पूरे समाज के लिए एक घाव बन कर रह जाती है।

 

ना तो अब कभी इंद्रदेव अपनी बेटी नीता को उसकी मौत का कारण बता पाएंगे ना ही गगनदेव अपने बेटे को मैट्रिक तक पढ़ा पाएंगे। इन 9 मौतों का ज़िमेदार नशे में धुत वो व्यक्ति है जो देश को संभालने और चलाने की बात करते हैं। इन बच्चों के साथ तब तक न्याय नहीं होता जबतक इस अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा ना मिल जाये।

 

मासूम बच्चे यही कहते कहते चले गए-

मैं चला जाऊं तो फिक्र ना करना,
बस अपने कंधे पर मेरा सर रखना,
मेरे जनाज़े में कोई आँसू ना बहाए, 
बस इतना करम मुझ पर करना…

 

नोट: इस पोस्ट को  Vinay Rawat ने हमारे प्लेटफॉर्म पर लिखा है और पेशे से ये एक पत्रकार हैं।  यदि आप भी कुछ लिखना चाहते हैं तो फेसबुक पर मैसेज में या theindianclick@gmail.com पर हमें मेल भेज सकते हैं।

ये भी पढ़ें

30 रेप और 15 हत्या का आरोपी था ‘साइको शंकर’, खुदकुशी से की अपनी जिंदगी खत्म

तमिलनाडु और कर्नाटक में 30 से ज्यादा रेप और कम से कम 15 हत्या के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *