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Humor: मिलिए अर्थशास्त्री, विचारक, इतिहासकार और त्रिपुरा के महाज्ञानी CM बिप्लब देब से

भारत का नक्शा तो देखा होगा आपने? नक्शे में ऊपर कोने में त्रिपुरा नाम का एक राज्य है, जिसे सेवन सिस्टर्स में से एक कहा जाता है। उसी त्रिपुरा के एक मुख्यमंत्री श्री बिप्लब देब (Biplab Kumar Deb) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि ये मुख्यमंत्री साहब प्रकट हुए हैं, प्रकट इसलिए क्योंकि इनके पास अलौकिक शक्ति और दिव्य ज्ञान है। अवेंजर्सः इंफिनिटी वॉर के विलेन थॉनस से भी ज्यादा शक्ति है।

ज्ञान तो पूछो ही मत… इत्तै ज्यादा कि संबित पात्रा से भी ज्यादा है। बिप्लब देब की पकड़ भी हर विषय पर है। देश का समाज का कोई भी मुद्दा हो, उसका समाधान वो भाषण से ही कर देते हैं। माननीय मुख्यमंत्री की बातें अंदर तक झकझोर देती हैं।

महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट का दावा

महाभारत में संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को युद्ध में क्या हो रहा था बताया था। इसका मतलब क्या है? टेक्नोलॉजी था, इंटरनेट था, सैटेलाइट थी। – विप्लब देब, मुख्यमंत्री त्रिपुरा

इस कथा की शुरुआत महाभारत के समय से होती है। महाकाव्य महाभारत के बारे में श्री बिप्लब देब ने जो बात अपने मुंह से कही, उससे पूरा सोशल मीडिया कांप उठा। ट्रोल करने वाले ट्रोलर्स इधर-उधर भागने लगे। जिन फनी मीम बनाने वाले पेज को कोई विषय नहीं मिल रहा था, उनमें जान आ गई। वहीं, ट्विटर पर भी हैशटैग के साथ भगदड़ मच गई।

मैकेनिकल नहीं सिविल इंजीनियर्स दें सिविल सर्विसेज की परीक्षा

मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वालों को सिविल सेवा में नहीं जाना चाहिए, लेकिन सिविल इंजीनियरों को सिविल सेवा में जाना चाहिए क्योंकि सिविल इंजीनियर्स के पास इसका ज्ञान है। – विप्लब देब, मुख्यमंत्री त्रिपुरा

हमारे आस-पास चाहे हजारों-लाखों की संख्या में इंजीनियर्स तैयार खड़े हैं, लेकिन सच ये है कि उनको अभी तक ये क्लियरिटी  नहीं कि उनको जिंदगी में करना क्या है? कंप्यूटर इंजीनियर बैंक का फॉर्म भर देते हैं, मेकैनिकल इंजीनियर MBA की तैयारी में लग गए हैं। इसी बीच, श्री बिप्लब ने कृष्ण के माफिक जॉब के युद्ध में फंसे इंजीनियर्स को मार्गदर्शित किया। श्रीमान ने कहा कि सिविल इंजीनियर्स को सिविल लाइन में ही जाना चाहिए। श्री बिप्लब देब के इस कथन के आधार पर कई अर्थ फूट पड़े। जिसके बाद मैकेनिकल इंजीनियर्स समझ गए कि उन्हें मैकेनिक बनना चाहिए, केमिकल इंजीनियर्स कैमिस्ट बनने की राह पर निकल लिये… फिर धीरे-धीरे ये समस्या हमेशा के लिए पृथ्वी से खत्म हो गई।

गाय पालने की नसीहत

हर घर में एक गाय होनी चाहिए। यहां दूध 50 रुपए लीटर है। कोई ग्रैजुएट है, नौकरी के लिए 10 साल से घूम रहा है। अगर वह गाय पाल लेता तो अपने आप उसके बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपए बैलेंस तैयार हो जाता। – विप्लब देब, मुख्यमंत्री त्रिपुरा

मोदी सरकार के 4 साल बीतने के बाद भी देश में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। श्री बिप्लब देब ने इस समस्या का इलाज चुटकी बजाते ही ढूंढ निकाला। श्रीमान ने बताया कि आप वर्तमान की वजह से बेरोजगार नहीं हैं बल्कि आप अपने अतीत की वजह से बेरोजगार पड़े हैं। अगर आपने 10 साल पहले एक सही फैसला लिया होता, तो आज आप बेरोजगार नहीं राजा होते।

बेरोजगारों को पान की दुकान खोलने की नसीहत

नौकरी के लिए घूमते-घूमते या तो आदमी दो तीन हजार रुपए के प्राइवेट ट्यूशन कर रहा है या धक्का खा रहा है, 45 की उम्र के बाद वो समझ जाता है कि 10 साल पहले अगर पान की दुकान खोल लेता, तो आज उसके खाते में पांच लाख रुपए जमा होते।  -विप्लब देब, मुख्यमंत्री त्रिपुरा

श्री बिप्ल्ब देब की इस बात को सुनकर देश-दुनिया के महान अर्थशास्त्रियों ने अपनी ज्ञान की पोथियां जला डाली। उन ढोंगी अर्थशास्त्रियों के सिद्धांत आज तक दुनिया को गुमराह कर रहे थे। क्योंकि चाणक्य के बाद श्री बिप्लब देब ही अवतरित हुए, जिन्हें ये विद्या प्राप्त है।

मिस यूनिवर्स डायना हेडन इंडियन ब्यूटी नहीं है

लगातार मिस वर्ल्ड, मिस युनिवर्स सब भारत से, लगातार 5 बार कोई भी जाता तो ताज मिल जाता। डायना हेडन इंडियन ब्यूटी नहीं हैं। डायना हेडन भारतीय महिलाओं की सुंदरता की नुमाइंदगी नहीं करतीं,ऐश्वर्या राय करती हैं क्योंकि वो एक सुंदर महिला हैं। – विप्लब देब, मुख्यमंत्री त्रिपुरा

एक कथन या कहावत सा कुछ है कि सुंदरता देखने वालों के आखों में होती है। बस इसी वजह से दुनिया में कितने बहस और फसाद खड़े हो गए हैं। क्योंकि एक इंसान किसी के लिए खूबसूरत है तो  किसी के लिए नहीं है। ऐसे में कौन खूबसूरत है और कौन नहीं, कौन तय करेगा? इस समस्या को भी श्री बिप्लब देब ने एक झटके में खत्म कर दिया। दिव्य ज्ञानी मुख्यमंत्री साहब को पता था कि मुख्य समस्या खूबसूरती का परिभाषित न होना है। एक उदाहरण के जरिए श्री बिप्लब ने सबके सामने खूबसूरती की नई परिभाषा रखी। सौंदर्य जगत उनके इस सबसे बड़े उपकार के लिए ऋणी रहेगा।

फिलहाल आप इतना जरूर जान लें कि अभी तो इनके कार्यकाल की शुरुआत है, लेकिन पांच साल होते-होते भारत की सभी समस्याओं का समाधान इनके पास ही होगा।

नोट- यह पोस्ट विबेक दुबे ने हमारे प्लेटफॉर्म पर लिखा है और पेशे से ये एक पत्रकार हैं। यदि आप भी कुछ लिखना चाहते हैं तो फेसबुक पर मैसेज में या theindianclick@gmail.com पर हमें मेल भेज सकते हैं।

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