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bois locker room

Bois locker room group के क्या सिर्फ लड़के ही दोषी हैं?

एक इंस्टाग्राम ग्रूप ने बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इस ग्रूप का नाम है bois locker room, नाम से समझ रहे हो ना कि इसमें क्या होता होगा। वहीं लौंडे लपाड़ों वाली बातें, जो हर boys group में होती है। तेरी वाली, मेरी वाली, आज तो फलां लड़की कमाल लग रही थी ये तो आम बात है। लेकिन इस ग्रुप के लड़कों ने हदें पार कर दी। लड़कियों के बारे में बातें करने की एक सीमा होती है जो ये 16-17 साल के लड़के लांघ गए।

क्या किया bois locker room group ने?

न्यूड लड़कियों की तस्वीरें शेयर करना, लड़कियों की तस्वीरें शेयर कर उनके प्राइवेट पार्ट्स पर कमेंट करना ये लड़कियां 15-16 साल की होंगी। उनकी शारीरिक बनावट कैसी है? कैसी दिखती हैं? शरीर का कौन-सा हिस्सा कैसा है? इन सब पर बातें करते हैं, मजाक बनाते हैं, एन्जॉय करते हैं। कई बारी तो इन लड़कियों की तस्वीरें एडिट भी करते हैं।

bois locker room

वैसे तो यहां तक की बात भी बहुत ज्यादा है लेकिन चलो फिर भी एक बार सहन कर लेते हैं। मान लेते हैं कि अय्याश लड़के हैं संस्कार खराब है। लेकिन इसके बाद हद तब हो जाती है, जब ये लड़के रेप करने की बातें करते हैं, वो भी गैंगरेप। इतना ही नहीं जिन लड़कियों ने ये वायरल हो रहे स्क्रीन शॉट्स शेयर किए उनकी न्यूड तस्वीरें भी ग्रुप में शेयर करने की प्लानिंग करने लगते हैं। ये हैं आने वाले समाज के रेपिस्टों की चैट…

क्या सिर्फ इन लड़कों की ही गलती है?

क्या कभी सोचा है कि ये सोच पनपती कैसे हैं? 16-17 साल के स्कूल जाने वाले लड़के कैसे इस तरह की बातें करने लगते हैं? क्या सिर्फ ये लड़के ही गलत हैं या फिर इसकी जड़ें किसी दूसरी तरफ जुड़ी हैं। चलिए कुछ पॉइंट्स में समझते हैं –

  • सबसे पहला सवाल उन मां-बाप के लिए हैं जो बड़े प्यार से इन्हें रखते हैं या फिर हर लड़के, आदमी के मां-बाप से हैं। क्या कभी आपने अपने बेटे को समझाया कि एक लड़की क्या होती है? क्या आपने उसे समझाया की लड़कियों की इज्जत कैसे की जाती है? उनके साथ कैसे बात करनी चाहिए, उनके साथ किस तरह से रहना चाहिए, कैसे उन्हें कंफर्टेबल महसूस कराना चाहिए? शायद नहीं की।
  • दूसरा सवाल उस स्कूल से जहां पर वो पढ़ते हैं और उनकी जिंदगी के सबसे यादगार पल गुजरते हैं। क्या स्कूल में बच्चों को समान अधिकार के बारे में कभी सीख दी। क्या उन्हें पढ़ाया गया कि महिलाओं के पास भी समान अधिकार है, वो आपसे कमजोर नहीं है?
  • क्या किसी टीचर ने या फिर मां ने लड़कों को पीरियड्स का ज्ञान दिया? उसके दर्द को समझाने की कोशिश की? क्या उन्होंने समझाया कि एक लड़की की जिंदगी में क्या मुश्किलें होती है? क्या सेक्स एजुकेशन के बारे में स्कूलों में या घर पर खुलकर बात हुई?
  • हर साल की तरह इस बार भी बायो वाली टीचर ने reproduction system वाला चैप्टर खुद से पढ़ने के लिए कह दिया? या फिर बिना झिझक के समझाया गया?

हां इन लड़कों की गलती है, लेकिन क्या सारी गलती इन्हीं की है? इन्हें सजा होनी चाहिए लेकिन क्या गारंटी है कि इसके बाद bois locker room जैसे और ग्रुप नहीं बनेंगे?

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