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Dainik Bhaskar becomes Raman Bhaskar ads

इलाहाबाद के बाद अब दैनिक भास्कर ने खुद को बनाया रमन भास्कर!

सुनो तुम कितना गिर सकते हो? दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने अपने अखबार का एक पेज दिखाते हुए कहा- इतना..! ये मौका था छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के जन्मदिन का, जब कथित नेताओं ने अखबार में चमचमाते मुखड़े के साथ विज्ञापन दिया वो भी पूरे पेज पर। दैनिक भास्कर की मौज आ गई। दैनिक भास्कर विज्ञापन से इतना खुश हुआ कि खुद का नाम भी नेताओं के चरणों में अर्पित कर दिया।

अखबार पर विज्ञापन का नशा इस कदर चढ़ा कि अपना नाम ही दैनिक भास्कर से ‘रमन भास्कर’ कर दिया। आपने शहर के नाम के साथ भास्कर शब्द का उपयोग देखा और सुना होगा। सिटी भास्कर और सिटी जागरण जैसे शब्दों के साथ स्थानीय पाठकों को कनेक्ट किया जाता है। लेकिन दैनिक भास्कर द्वारा बीजेपी नेता रमन सिंह के नाम के आधार पर ‘रमन भास्कर’ नाम रखकर किसे कनेक्ट किया गया है ये तो आप जानते ही होंगे।

यूं तो छतीसगढ़ के CM रमन सिंह के जन्मदिन पर उनके समर्थकों और पार्टी के नेताओं ने सारे अखबार को विज्ञापन से भर दिए। लेकिन चर्चा में दैनिक भास्कर है क्योंकि इसने अपने नाम को डूबाकर ‘रमन’ का उदय कर दिया। सबसे मजे कि बात ये है कि तस्वीर में जो ऊपर बाईं ओर माननीय हैं कुछ समय पहले उनकी कथित सेक्स सीडी आयी थी। हां, एक और बात जिनको लगता है कि फोटो एडिटेड है वो 15 अक्टूबर का अखबार पढ़ सकते हैं।

 

थोड़ी जांच पड़ताल-
अब आप सवाल उठा सकते हैं कि हो सकता है कि ‘रमन भास्कर’ लिखना विज्ञापन का हिस्सा हो जिसे क्रिएटिव टीम ने इस तरह करने को कहा हो। लेकिन हम इस लॉजिक को नकारते हैं क्योंकि किसी भी अखबार में पूरे पेज का विज्ञापन भी हो तो ऊपर अखबार का नाम जरूर रहता है।

 

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विज्ञापन को फिर से देखिए सबसे ऊपर जीवेत शरद: शतम्… लिखा है और इसके ठीक ऊपर से पूरे संदेश सहित इसे एक फ्रेम कैद किया गया है। इससे साफ पता चलता है कि ये विज्ञापन का हिस्सा है। लेकिन लेआउट से अलग बॉक्स के ऊपर ‘रमन भास्कर’ लिखा गया है। मतलब जहां अखबार का नाम दैनिक भास्कर होना चाहिए वहां रमन भास्कर लिखा गया है और यह दिखने में विज्ञापन का हिस्सा नहीं लगता। जो इशारा करता है कि अखबार ने अपने नाम को भी गिरवी रख दिया है।

अब आप इसे विज्ञापन का अनोखा तरीका कहेंगे या दलाली का ये आप तय कीजिए। सोचिए जो अखबार जन्मदिन पर मिले विज्ञापन से खुश होकर अपना नाम बदल लेता हो वो स्थानीय खबरों के साथ क्या-क्या करता होगा? दिलचस्प बात ये भी है कि ऐसा विज्ञापन तब छपा है जब छतीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। छत्तीसगढ़ राज्य में 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान होने हैं।

 

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