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इन 4 दुकानों पर मिलते हैं दिल्ली के टेस्टी भरवां गोलगप्पे

अगर आप गोलगप्पे के साथ-साथ भरवां गोलगप्पे के शौकीन है और दिल्ली में रहते हैं, तो इन चार जगह पर जरूर जाए। क्योंकि ऐसा टेस्टी भरवां गोलगप्पे शायद ही आपने कहीं खाये होंगे। इसके अलावा अगर आप दिल्ली में किसी और जगह के बारे में जानते है, जहां टेस्टी गोलगप्पे खाकर आपको लगता हैं कि ऐसा टेस्ट कहीं और नहीं मिलेगा। तो हमें ईमेल भेजकर  बताइए ताकि हम और लोगों को बता सकें।

 

सेंट्रल दिल्ली: श्री प्रभु चाट भंडार

इंडिया गेट के नजदीक शाहजहां रोड की यूपीएससी लेन में ‘श्री प्रभु चाट भंडार’ ठीहे को दिल्ली वालों को भरवां गोलगप्पे खिलाने का श्रेय जाता है। यहीं 80 दशक में, कॉमेडियन महमूद ने अपने खाने के लिए गोलगप्पों को भरवां अंदाज में सर्व करना सिखाया था। यह 1935 से है और शुरुआत नत्थू सिंह और उनके बेटे प्रभु दयाल ने किया। फिर उनके तीनों पोते जगदीश कुमार, गोपाल दास और शीश पाल ने जलवा कायम रखा। आज उनका साथ दे रहे हैं पड़पोते दलीप कुमार, हरीश कुमार, तरूण कुमार, सूरज प्रकाश और राहुल कुमार।

समय- दोपहर 12 से रात 8 बजे तक, होली पर बंद
रेट- 70 रूपए प्लेट
नजदीकी मेट्रो स्टेशन- खान मार्केट से करीब 1 किमी दूर

 

ईस्ट दिल्ली: राजा चाट कॉर्नर

कृष्णा नगर में ‘अशोक नर्सिंग होम’ के करीब सामने ‘राजा चाट कॉर्नर’ के भल्ले की स्टफिंग वाले गोलगप्पे खूब चाव से खाए जाते हैं। कृष्ण नगर में ही 1985 से राजेश कुमार ने रेहाड़ी से खोमचे का जलवा क्या बिखेरा, दुकान का रूप लेने में ज्यादा देर नहीं लगी। आलू चाट, आलू टिक्की, पापड़ी चाट आदि चटपटे चाट आइटम्स और भी हैं, लेकिन भल्लेवाले गोलगप्पे खाने लोग आसपास की कॉलोनियों से भी उमड़ पड़ते हैं। आजकल आशीष गोयल जायकों को संवारने में बढ़-चढ़ कर हाथ बंटाने लगे हैं।

समय- शाम 4 बजे से रात 10:30 बजे तक, छुट्टी कोई नहीं
रेट- 50 रूपए प्लेट
नजदीकी मेट्रो स्टेशन- वेलकम से करीब 2 किमी दूर

 

वेस्ट दिल्ली: स्पेशल चाट भंडार

करोल बाग के वेस्ट एंड एक्सटेंशन एरिया की मेन अजमल खान रोड पर रूपक स्टोर की गली में लेफ्ट साइड की दूसरी छोटी-सी दुकान का नाम ही ‘स्पेशल चाट भंडार’ है। गोलगप्पे का पानी तो है ही ग्रेट, लेकिन बिना पानी के सर्व भरवां गोलगप्पे भी बहुत मजेदार हैं। ठंडे-ठंडे भरवां गोलगप्पे जो खाता है, फिर-फिर खिंचा आता है। साल 1970 से बिहारीलाल के हाथों शुरू चटपटा सफर उनके बेटे हरी चंद और हरी कृष्ण के साथ अब उनके पोते लक्की और विकास कायम रखे हुए हैं।

समय- दोपहर 11:30 से रात 8 बजे तक, छुट्टी हर सोमवार
रेट- 70 रूपए प्लेट
नजदीकी मेट्रो स्टेशन- करोल बाग, करीब 200 मीटर दूर

 

नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली: भुरू चाट कॉर्नर

रोहिणी के सेक्टर 7 और 8 की डिवाइडर रोड पर, शिवा चौक की रेड लाइट के नजदीक ‘भुरू चाट कॉर्नर’ के दही-सौंठ वाले गोलगप्पे के चर्चे हैं। भरवां गोलगप्पे को ही ‘दही-सौंठ वाले गोलगप्पे’ कहते हैं। कोई गोलगप्पों में आलू, छोले और मसाले, तो कोई भल्ले भर कर, दही-सौंठ डलवा कर खाना पंसद करता है। भल्ला पापड़ी, पानी वाले गोलगप्पे, आलू टिक्की आदि तो हैं ही। रोहतक में बीते 70 सालों से चाट के चटोरों में धाक जमाने के बाद, अमर सिंह सैनी और उनके दोनों बेटों मुकेश और प्रवीण ने 2004 से यहां जलवा बिखेरा हुआ है।

समय- दोपहर 2 से रात 10 बजे तक, छुट्टी महीने के आखिरी सोमवार
रेट- 40  रूपए प्लेट
नजदीकी मेट्रो स्टेशन- रोहिणी ईस्ट, करीब आधा किमी दूर

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