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ये आदतें आपके बच्चों की आंखों को कर रही है कमजोर, जानें ठीक करने के तरीके

आजकल बच्चों के अंदर मोबाइल का और लैपटॉप का शौंक बहुत ही कम उम्र में आ जाता है। लेकिन इसके लिए बच्चों की गलती नहीं हैं, आजकल मां-बाप बच्चों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें मोबाइल फोन या लैपटॉप पकड़ा देते हैं और इन गैजेट्स में बिजी होकर बच्चे मां-बाप को परेशान नहीं करते हैं और न तो वो रोते हैं। इस तरीके से मां-बाप अपना काम कर लेते हैं, और मोबाइल फोन की संगत में बच्चा अपने आप बड़ा होने लग जाता है। लेकिन उनकी ये ट्रिक बच्चों की सेहत के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं हैं खासकर आंखों के लिए।

देश केे सबसे बड़े अस्पताल AIIMS के डॉक्टरों का मानना है कि मोबाइल, टैब, और लैपटॉप पर ज्यादा वक्त बिताने और बाहर की गतिविधियों की कमी होने की वजह से बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो रही है। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार नजदीक से देखते रहने के कारण बच्चों की आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। जितना ज्यादा वक्त बच्चा मोबाइल, टैब, लैपटॉप पर बिताएगा, चश्मा लगने का जोखिम उतना ही बढ़ेगा।

इसीलिए जितना हो सके बच्चों को इनसे दूर रखें और भविष्य में उन्हें पढ़ने में दिक्कत न हो, इसलिए बच्चों को इन गैजेट्स से शुरुआती वक्त में दूर रखें। बच्चों की आंखों को बचाने के लिए कई रास्ते हैं जिनको अगर आप इस्तेमाल में लाते हैं तो चश्मा लगने की संभावना और आंखों की सेहत भी सही बनी रहेगी।

  1. बच्चों को पालक, गाजर और चुकंदर जैसी चीजें खिलाएं। इसी के साथ पीले फल जैसे पपीता और आम भी खिलाएं।
  2. एक तय समय के बाद उन्हें कम्प्यूटर के आगे बैठने से मना कर दें।
  3. अगर बच्चा टीवी देखने का शौकीन हैं तो उसे भी दूरी पर लगाएं।
  4. बच्चों की आंखों पर बाजार से मिलने वाले सस्ते काजल न लगाएं।
  5. उन्हें बार-बार आंखों को रगड़ने से रोकें।

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