Friday , December 14 2018
Home > Understand India > जो लड़के बाहर फ्लाइंग किस्स देते फिरते हैं, वो आपके घर के लाडले तो नहीं?
girl-eve-teasing-by-man-character

जो लड़के बाहर फ्लाइंग किस्स देते फिरते हैं, वो आपके घर के लाडले तो नहीं?

इव-टीजिंग का सबसे सामान्य रूप ये है कि लड़का आते-जाते लड़की के बगल से गुजरता है और गाना गाता या गुनगुनाता है। अब ऐसे लड़के कम ही मिलते हैं जो आपके बगल से गुजरें और गायें – बहारों फूल बरसाओ, मेरा महबूब आया है या इस प्यार से मेरी तरफ न देखो.. प्यार हो जाएगा या फिर अकेली न बाजार जाया करो, नजर लग जाएगी।

 

इतना वक्त किसी के पास नहीं है, तो ये होनहार आपको दो शब्दों में बयां कर के आगे बढ़ जाते हैं – सेक्सी लेडी, लुकिंग हॉट!!! इतना भी कहने की जहमत न उठा पाए तो “उम्म्म्माह!” जैसी आवाज आपके कानों के पर्दे तक पहुंचती है और वो मुस्कुराकर चल देते हैं। ये किसी दूसरे सौर्य-मंडल के चौथे ग्रह के तीसरे देश की बात नहीं है। ये बात है इसी दुनिया की। किस्स करने पर जो आवाज आती है न, ठीक वैसी ही आवाज आपको सुनाई देती है। पर आपको कुछ करना नहीं है, एम्बैरेस होकर, सिर झुकाकर आगे बढ़ जाना है। इससे उस लड़के तक ये महान संदेश पहुंचेगा कि वह अपने कार्य में सफल हुआ और आपको यह एहसास होता रहेगा कि आप सभ्य लड़की हैं। ऐसे लोगों को नज़रंदाज करना जानती हैं।

 

ऐसा नहीं है कि जो लड़का ऐसा कर रहा है, वो लड़की को पसंद करता है। ऐसा भी नहीं कि उसने लड़की को लेकर मन में जो ख्याली पुलाव पका लिए हों उसका इससे उद्धार हो जाए। मतलब इस किस्स से उसके तृष्णा की तृप्ति किसी हाल में नहीं होती। ये किस्स उन्हें क्षणिक सुख देता है – शूरवीर हैं जनाब.. फतह हासिल किया है। उन्हें भी पता है कि अगर रास्ते में कोई लड़की अच्छी लग रही है तो तारीफ कैसे की जाती है, पर वो शॉटकट अपनाते हुए किस्स कर के आगे निकल लेते हैं। दरअसल उन्हें तारीफ नहीं करनी, उन्हें वही करना है। कई बार ये लड़के ऐसे ठीक बगल से किस्स करते हुए गुजरते हैं कि थोड़े देर के लिए दिमाग सुन्न हो जाता है, ये क्या हो गया। आज रात मेट्रो स्टेशन से घर आते वक्त दो बार ऐसा हुआ, आए दिन हो ही जाता है, लगभग सभी लड़कियों के साथ। एक को जोरदार थप्पड़ मारा, दूसरे की क्लास ली। उन लड़कों को डांटते वक्त आस-पास जो लोग जमा हो जाते हैं, वो सिखाने लगते हैं कि बेटा, तुम घर जाओ। मैं सोचती हुई आगे बढ़ जाती हूं कि मेरे साथ ऐसा हो रहा है तो बाकी ‘अच्छी’ लड़कियों का क्या हाल होता होगा।

 

दिमाग में आया – क्या वो लड़का घर जाकर बताएगा कि उसने रास्ते में एक लड़की को फ्लाइंग किस्स दी? क्या कोई लड़का घर से निकलते वक्त ये बताकर निकलता है कि अभी फलां-फलां काम कर के आ रहा हूं और रास्ते में लड़कियां मिलीं तो उन्हें किस्स भी कर लूंगा।

 

ये लड़के स्पेसशिप से सीधे सड़कों पर तो नहीं छोड़े जाते, फिर ये आते कहां से हैं? ये हमारे घरों में पलते हुए ही पनपते हैं। एक घर में जब भाई-बहन बड़े होने लगते हैं तो अचानक ही दूरियां आ जाती हैं। बहन के पीरियड्स शुरू हुए नहीं कि वो भाई से किनारा करने लगती है। यहां से वो सिलसिला शुरू होता है। को-ऐड में पढ़ने के बावजूद दोनों भाई-बहन एक ही घर में कटे हुए रहते हैं। दोनों का एक-दूसरे के मामलों में हस्तक्षेप भी कम हो जाता है। ऐसे में लड़के बाहर मार-पीट भी करते हैं तो ध्यान रखते हैं कि बात घर तक न पहुंचे और लड़की को मां की घुट्टी मिल चुकी होती है कि अंधी-गूंगी-बहरी होकर रहना और सीधे घर आना। न लड़का आकर बताता है कि उसने फलाने को पीटा है और न लड़की आकर कहती है कि फलां लड़के ने उसके साथ बद्तमीजी की। बातें छिपाने का सिलसिला शुरू होता है तो बातें अपने आप ही कम हो जाती हैं और घर वाले ये सोचकर खुश होने लगते हैं कि बच्चे बड़े हो गए, गंभीर हो गए हैं। कई बार वो बच्चे घर के लाडले बन जाते हैं और सड़क के हीरो। मैंने अपने बहुत-से दोस्तों को देखा है जो घर में अलग हैं और बाहर अलग। ऐसा नहीं कि वो बिगड़ैल हैं। घर में वो संत-महंत बने हुए हैं और हमारे साथ वो बिंदास हैं। वो ये चाहते भी नहीं कि घर पर पता चले कि वो हरिश्चंद्र नहीं हैं। तो ऐसा क्यों होता है?

 

क्योंकि मां-बाप बच्चे के बड़े होने पर आने वाले बदलावों के रूप में इस अलगाव को घर में जगह देते हैं जो आंतरिक संवाद में दूरी उत्पन्न करता है। मेरे मोहल्ले का एक लड़का घर पर बहुत शांत रहता था। अगर कोई उसकी मां से कहता तो वो कभी यकीन न करतीं कि उसने कोई गलत काम किया होगा। एक दिन उसके घर पर पुलिस आ गई। अपनी बहन से भी सिर झुकाकर या मुंह फेरकर बात करने वाले लड़के ने रास्ते में एक लड़की का टॉप पकड़कर खींच दिया था, वो स्कूटी से गिरी और काफी दूर तक ज़मीन पर घसीटी गई। उसके घरवालों ने शिकायत दर्ज करायी और ये साहबजादे जेल गए।

girl-eve-teasing-by-man-character

 

हर बार मामला इतना गंभीर नहीं होता है। हर बार लड़की शिकायत दर्ज कराने नहीं जाती, यहां तक कि पलटकर जवाब भी नहीं देती। इसलिए हर बार पुलिस घर पर नहीं पहुंचती और ये लड़के अपनी मां के दुलारे बने रहते हैं।

 

वो बेटा आपसे कुछ नहीं कह रहा है। वो आपके सामने कुछ और है और बाहरवाले उसे कुछ और बता रहे हैं, ये जैसे ही मां-बाप को पता चलता है, घर पर पहाड़ टूट पड़ता है और लड़के की धुनाई होती है। मां-बाप को लगता है अचानक बिगड़ गया, क्या कमी रह गई हममें। कमी यही है कि आप ने अपने बढ़ते बच्चे से अचानक ही संपर्क कम कर दिया। जब उसके शरीर में विभिन्न बदलाव आ रहे थे, जब वो हॉर्मोनल बदलावों से गुज़र रहा था और मानसिक तौर पर निर्णय लेने में बिलकुल अक्षम था, तब आप ने उससे संवाद कम कर दिया।

 

हो सकता है जिस लड़के ने आपकी बेटी को तंग किया हो उससे अभी उसकी मां एक और पराठा खाने की जिद्द कर रही हो। हो सकता है कि जो लड़का आपके घर में बैठकर पढ़ रहा है, थोड़ी देर पहले किसी से मारपीट कर के आया हो। पर वो बड़ा होने लगा है इसलिए आप छूट देने के या सभ्यता के नाम पर अपनी दरियादिली दिखाते हुए उससे जरूरत से ज्यादा किनारा कर लेते हैं।

 

अपने बच्चों से संवाद बनाएं। उनके बड़े होने के साथ गंभीर बनने से ज्यादा जरूरी है आपके साथ घुले रहना। जब लड़का घर में बता पाएगा कि उसने रास्ते में किसी लड़की को फ्लाइंग किस्स दी तभी आप उसे समझा सकेंगे। जब लड़की ये कह सकेगी कि आज उसे किसी ने परेशान किया तभी आप उसे सुरक्षा दे सकेंगे। लड़की बड़ी हो गई इसलिए उसे अलग से सुरक्षा-कवच देने की भी आदत छोड़ें। पिता और भाई के रूप में उसे जेड प्लस सिक्योरिटी देना बंद करें। बड़ा होना हौव्वा नहीं है। इसे जितना हो सके, सामान्य रूप में लें। बच्चों को स्पेस देने के नाम पर या अब बेटा बड़ा हो गया है तो हम उससे क्या बात करें.. कहना अजीब लगता है… के नाम पर दूरी न बनायें। आपके लड़के किसी का जीना मुहाल कर सकते हैं। आपके लड़के आपकी ज़िंदगी बदहाल कर सकते हैं। इन सबके लिए मां-बाप भी उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कि वो लाडले लड़के।

 

Note: यह पोस्ट रीवा सिंह ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है।

ये भी पढ़ें

Atal Bihari Vajpayee age 10 unseen pics facts

अटल बिहारी वाजपेयी की 10 दुर्लभ तस्वीरें और रोचक तथ्य

भारत के 93 साल (उम्र) के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं रहे। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *