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हापुड़ गैंगरेप hapur gang rape woman set herself ablaze shocking
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हापुड़ गैंगरेप: 16 आदमी, 6 साल और अनगिनत बार बलात्कार, फिर खुद को लगा ली आग

हापुड़ गैंगरेप की कहानी जानकर आप कहेंगे कि क्या वाकई इंसान की शक्ल में भेड़िया घूमते हैं। रेप एक घिनौना क्राइम है और जिसके साथ भी होता है वो टूट जाती हैं। लेकिन यहां एक महिला का 1 बार नहीं बल्कि 20 से अधिक बार रेप हुआ। सोचिए उस पर क्या बीती होगी।

आखिर में पुलिस की अनदेखी से परेशान होकर महिला ने खुद को आग लगा ली है। करीब 80 प्रतिशत जल चुकी महिला दिल्ली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। ये महिला हापुड़ में एक गैंगरेप की पीड़िता है जिसकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है।

हापुड़ गैंगरेप मामले में दिल्ली महिला आयोग के द्वारा संज्ञान लिया गया जिसके बाद ही FIR दर्ज की गई है। FIR में लिखा कि पीड़िता के साथ 5 साल में 16 लोगों ने रेप किया है। इतना ही नहीं एक रेपिस्ट से उसे बच्चा भी पैदा हुआ है। महिला का दर्द इस बात से समझ सकते हैं कि उसने जलने के बाद कहा कि अब मैं जल चुकी हूं, अब मेरा कोई रेप तो नहीं करेगा

10 हजार में पिता ने बेच दिया था

पीड़िता के साथ हैवानियत की शुरुआत साल 2011 में हुई जब उसके पिता और चाची ने उसे 10 हजार रुपए में बेच दिया। खरीदने वाले ने बाद में उससे शादी की। साल 2014 के बाद से उसके साथ जो यौन उत्पीड़न का घिनौना दौर शुरू हुआ वो 28 अप्रैल को उसके आत्महत्या करने की कोशिश पर जा खत्म हुआ।

पीड़िता की शादी 10 साल पहले उसके पिता ने 14 साल की उम्र में हापुड़ के एक अधेड़ से कर दी थी। शादी के एक साल बाद जब उसे बच्चा पैदा हुआ तो उसके पति ने उसे छोड़ दिया और वो अपने पिता के घर वापस आ गई। इसके बाद उसके पिता और चाची ने उसे 10 हजार में एक अन्य व्यक्ति प्रमोद को बेच दिया और साल 2011 में उसने उससे शादी कर ली।

हापुड़ गैंगरेप की दुख भरी दास्तां

पीड़िता ने कहा कि दूसरी शादी से भी मुझे एक बेटा हुआ, लेकिन मेरे साथ यातनाओं की शुरुआत 2014 में हुई थी। प्रमोद गांव के ही बाबू के खेतों में काम करता था। उसने बाबू से कुछ कर्ज भी ले रखा था। शादी के बाद दोनों ने मिलकर मजदूरी करके पैसे तो उतार दिये लेकिन उसका ब्याज रह गया।

जहां पाया वहां रेप हुआ पति ने कुछ नहीं किया

इसी बात का फायदा उठाकर बाबू नाम के व्यक्ति ने रेप करने की शुरुआत की। वो लगातार कई सालों तक बलात्कार करता रहा। प्रमोद को यह बात पता होते हुए भी मजबूरन कुछ नहीं किया। फिर गांव के ही और पुरुषों को यह बात पता चली तो गांव के 15 पुरुषों ने अलग-अलग मौकों पर पीड़िता का रेप किया। अगर खेतों में अकेला पाया तो भी किया और अगर घर में अकेला पाया तो भी किया। रेप के बाद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दिया।

CM हेल्‍पलाइन से भी नहीं मिली मदद

पीड़िता ने अपनी शिकायत में ये भी कहा कि पुराने और वर्तमान SHO मुकेश और राजेश भारती ने उसकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। यहां तक कि उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत की लेकिन कोई मदद नहीं मिली। पीड़िता के मुताबिक उसका पति प्रमोद सब कुछ जानता था, लेकिन उसने कुछ नहीं किया।

source: NDTV

फिर मुलाकात हुई अनुज से जिसने मदद की

पीड़ि‍ता ने बताया कि एक भंडारे में काम करने के दौरान उनकी मुलाकात एक व्यक्ति अनुज से हुई, जिससे उन्‍होंने अपनी आपबीती सुनाई। पीड़‍िता को उस शख्‍स ने उन्‍हें मदद का भरोसा दिलाया था।

अनुज सामाजिक सोच की बात करते हुए कहते हैं,

जब मैं गीता को लेकर पुलिस के पास गया हूं तो मुझे धमकाते हुए SHO ने कहा कि इस तीन बच्चों की मां के पास क्या रखा है। छोड़ दे इसे, हमारी FIR तक दर्ज नहीं की।”

इस बीच आरोपी उन्‍हें जान से मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद इन दोनों ने गांव छोड़ दिया और नवंबर 2018 में मुरादाबाद में साथ रहने लगे। लेकिन, यहां पर भी आरोपी उन्‍हें फोन कर धमकी देने लगे थे।

अब जल चुकी हूं अब कोई मेरा रेप नहीं करेगा

The Print से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि

जिस दिन अपने आप को खत्म करने का सोचा, ‘उस दिन अनुज बाहर गया तो पीछे से मेरे बलात्कारी ही मेरे घर आ गए। उन्होंने पुलिस के पास ना जाने को लेकर धमकी दी। मेरा मजाक उड़ाया। जबसे गांव में पता चला था कि 16 आदमी मेरे साथ ऐसा कर चुके हैं तो सब खिल्ली उड़ाते थे। इस मजाक ने मुझे इतना प्रताड़ित किया कि मैं खुद की जान लेने पर मजबूर हो गई, सोचा अब मेरा कोई रेप नहीं करेगा।”


दिल्ली महिला आयोग और सोशल मीडिया के दबाव में दर्ज हुआ FIR

दिल्ली महिला आयोग द्वारा हापुड़ गैंगरेप मामला उठाए जाने और सोशल मीडिया पर लोगों के दबाव में आकर हापुड़ पुलिस ने FIR दर्ज की है। महिला ने बताया कि आरोपियों के नाम भी FIR में लिखे हैं। इनके नाम हैं गुड्डू, मधु, गुरमीत, रामू, अनुज, गोपाल, डॉ सुभाष, डॉ प्रवीण, अरुण, सौरभ नागीनु, केदार औ उसका एक साथी। लेकिन मामले में अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।

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