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Longest Match Of Cricket History
Longest Match Of Cricket History

जब 12 दिन तक चला था क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा मैच

पूरी दुनिया में क्रिकेट के दीवाने मौजूद हैं लेकिन भारत में इस खेल के प्रति लोगों की दीवानगी सिर चढ़ कर बोलती है। चाहे वो किसी भी फॉर्मेट का मैच क्यों ना हो। जिस देश ने क्रिकेट के दुनिया को उसका भगवान दिया है उस देश में क्रिकेट की दिवानगी होनी तो तय है। हर देशवासी के अंदर कभी ना कभी तो क्रिकेट को लेकर प्यार आ ही जाता है चाहे वो खिलाड़ी को लेकर हो या टीम के लिए हो।

 

लेकिन आज क्रिकेट के इस बदलते दौर में बहुत कुछ बदल गया है। क्रिकेट की शुरुआत टेस्ट मैच से हुई लेकिन फिर बाद में वनडे क्रिकेट में तबदील हो गया। इसके बाद क्रिकेट के अंदर एक बदलाव और आया जो लोगों के समय को बचाने के लिए अहम साबित हो रहा है वो है टी 20 क्रिकेट।

 

इस फॉर्मेट के आने के बाद से क्रिकेट के अंदर काफी बदलाव आ गया है। आज लोग अपनी निजी जिंदगी में काफी व्यस्त रहते हैं और क्रिकेट देखने का बमुश्किल ही वक्त मिल पाता है। लिहाजा लोग टी 20 क्रिकेट देखना ज्यादा पसंद करते हैं। क्रिकेट के आज के दौर में टेस्ट क्रिकेट को काफी बोरिंग माना जाता है। पांच दिन तक चलने वाले टेस्ट क्रिकेट में अब ज्यादातर स्टेडियम खाली ही दिखाई देते हैं। एक तरह से लोगों में टेस्ट क्रिकेट के प्रति क्रेज जो एक जमाने में था वो खत्म हो गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा भी टेस्ट मैच हुआ था जो पांच दिन से भी ज्यादा वक्त तक चला था। जी हां यह क्रिकेट मैच पूरे 12 दिन तक चला था।

 

 

आपको सुनने में ये थोड़ा अटपटा जरूर लग रहा होगा लेकिन ऐसा इतिहास में हो चुका है। जब 12 दिन तक एक मैच खेला गया था। यहां बता दें कि मैच के तीन दिन बारिश में धुल गए थे। यानी दोनों टीमों ने 9 दिन मैदान पर बिताए थे। क्रिकेट इतिहास का यह मैच सबसे लंबा टेस्ट मैच था।

 

यह मैच साल 1939 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डरबन में खेला गया था। यह मैच 3 मार्च से 12 मार्च तक लगातार खेला गया था। पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में मेहमान इंग्लैंड की टीम 1-0 से आगे चल रही थी और यह सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच था। दक्षिण अफ्रीका की टीम अपने देश में किसी भी हाल में टेस्ट सीरीज गवाना नहीं चाहती थी लिहाजा टीम ने इस मैच को टाइमलेस खेलने का फैसला किया था।

 

 

 

दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 540 रनों का विशाल स्कोर बनाया था जिसके जवाब में इंग्लैंड 316 रन ही बोर्ड पर लगा पाई थी। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने एक बार फिर कमाल की बल्लेबाजी का नजारा दिखाते हुए 481 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में मिली 214 रनों की बढ़त और दूसरी पारी के रनों को मिलाकर इंग्लैंड के लिए 695 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा हो गया था।

 

 

इंग्लैंड टीम ने भी हार ना मानने की ठानी हुई थी। इंग्लैड की टीम ने दूसरी पारी में 695 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार बैटिंग की। इंग्लैंड ने 5 विकेट खोकर 654 रन बना लिए थे। जिसमें टीम के कप्तान हेमंड ने 140 रन और इडरिच ने 219 रनों की सराहनीय पारी खेली थी। इस तरह इंग्लैंड की टीम जीत के करीब पहुंच गई थी। उसे जीत के लिए अब महज 42 रन और चाहिए थे। मैच के 12 वें दिन का खेल खत्म होने ही वाला था। लेकिन तभी इंग्लैंड ने अंपायर से मैच ड्रॉ कराने की गुजारिश कर दी। दरअसल, 14 मार्च की रात को इंग्लैंड को अपने देश वापिस लौटना था। उनके शिप का समय रात 8 बजे का था। अब इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए अगले दिन का इंतजार करना था लेकिन पहले से तय शेड्यूल के कारण वह ऐसा नहीं कर सकते थे। अंत में मैच ड्रॉ पर ही खत्म हुआ और इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से जीतकर वापिस अपने देश लौट गई थी।

 

 

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अबतक के सबसे लंबे इस मैच में कई ऐसे रिकॉर्ड बने थे जो आज तक किसी टेस्ट मैच में दोबारा नहीं बन सके थे। इस पूरे टेस्ट मैच की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 1990 रन बने थे। इस मैच के दौरान करीब 12 बार नईं गेंद का इस्तेमाल किया गया था। वक्त के लिहाज से ये टेस्ट मैच भले ही एक बोरिंग टेस्ट रहा हो लेकिन कई रिकॉर्डों के चलते यह मैच हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।

 

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