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lady behind railway announcement

कौन है वो महिला जिसके एक बार “यात्रिगण ध्यान दें” कहने पर सभी यात्री ध्यान देने लगते हैं…

आज तक कई बार आप लोगों ने ट्रेन में छोटी या बड़ी या फिर बहुत बड़ी यात्रा जरूर की होगी। कुछ लोगों का तो ये रोज का रूटीन भी होता है। ट्रेन में यात्रा करने में सिर्फ ट्रेन लेट होने या छूटने के अलावा भी कई तरह के अच्छे या बुरे अनुभव होते हैं। जैसे भी हो अनुभव तो अनुभव होते हैं। अपनी यात्रा के दौरान हम कई तरह की चीजों पर ध्यान देते हैं। लेकिन आपने क्या कभी प्लेटफॉर्म पर सुनाई देने वाली आवाज पर गौर किया है। दरअसल हम बात कर रहें है उस लेडी की जिसकी आवाज सुनकर ही हमें पता चल जाता है कि कौन सी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आ रही है या फिर वो कितनी लेट है।

 

‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें‘ ट्रेन में सफर करते वक्त प्लेटफॉर्म पर ये यात्रा गूंजती रहती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आवाज के पीछे कौन सी महिला है? कौन है ये महिला जो एक बार कहती है कि यात्रिगण ध्यान दें और सभी यात्री अपना सारा ध्यान उस महिला की आवाज पर लगा देते हैं।

 

तो हम बता दें कि इस महिला का नाम सरला चौधरी (Sarla Chaudhary) है, जो कि पिछले 25 सालों से भी ज्यादा वक्त से रेलवे में अनाउंसमेंट कर रही है। साल 1982 में सरला ने रेलवे में अनाउंसर पद के लिए टेस्ट दिया था जिसमें वो पास भी हो गई थी और तब वो दिहाड़ी अनाउंसर के तौर पर लगी थी और अपना काम करना उन्होंने शुरु किया था। अपने काम के लिए सरला की रुचि, मेहनत और लगन को देखते हुए, साल 1986 में रेलवे ने उन्हें अनाउंसर पद के लिए परमानेंट कर दिया था।

 

sarla

 

लेकिन एक महिला होने के नाते सरला के लिए ये काम उतना आसान नहीं था जितना आपको पढ़ने में लग रहा होगा। फिर भी उन्होंने अपने काम को पूरी शिद्दत से किया। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उस समय कंप्यूटर नहीं हुआ करते थे, इसीलिए अलग-अलग स्टेशन पर जाकर अनाउंसमेंट करनी पड़ती थी। एक अनाउंसमेंट को रिकॉर्ड करने में 3 से 4 दिन का वक्त लगा करता था। इसके साथ ही ये रिकॉर्डिंग अलग-अलग भाषाओं में भी की जाती थी।

 

sarla

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में रेलवे स्टेशन के सारे अनाउंसमेंट की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम को सौंप दी गई। इसके साथ ही स्टैंड बाय पर सरला की आवाज को मैनेजमेंट विभाग ने कंट्रोल रूम में सेव कर लिया। हांलाकि, कुछ निजी कारणों की वजह से सरला ने 12 साल पहले इस कार्य से रिटायरमेंट ले ली थी और फिलहाल वो OHE विभाग में कार्यालय अधीक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

 

सरला का कहना है कि उन्हें बहुत खुशी होती है जब लोग बिना देखे ही उनकी आवाज की तारीफ करते हैं। आज भी रेलवे स्टेशन पर खुुद की आवाज को सुन कर उन्हें बहुत खुुशी होती है।

 

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