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लालरेमसियामी
Credit : IANS

पिता के अंतिम संस्कार से ज्यादा जरूरी समझा देश के लिए खेलना, जीतकर लौटी तो मां ने गले से लगाया

भारतीय वीमेंस हॉकी टीम की 19 साल की खिलाड़ी लालरेमसियामी (Lalremsiami) ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी वजह से वो पूरी तरह से खास बन गई है। इस वक्त वो सोशल मीडिया पर भी खूब ट्रेंड हो रही हैं, वो सबकी वाहवाही बतौर रही है।

पिता के देहांत से ऊपर रखा अपनी टीम और देश को

मिजोरम की रहने वाली इस खिलाड़ी ने हिरोशिमा में एफआईएच वूमेन सीरीज का फाइनल (FIH Women’s Series Finals) मैच खेला, वो भी उस वक्त जब उनके पिता का देहांत हो गया था। इस वजह से वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाईं। भारत ने पहले 4-2 से चिली को हराया और फिर फाइनल में जापान को 3-1 से हराया।

लालरेमसियामी का फाइनल खेलना और अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल ना होना एक मिसाल बन गया है। लालरेमसियामी जब अपने घर पर फाइनल जीत कर पहुंची तो वहां का माहौल काफी ज्यादा इमोशनल था। लालरेमसियामी के पिता की मौत 21 जून को हुई थी, उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक था। लेकिन ऐसे मुश्किल वक्त में भी वो टीम को छोड़कर घर नहीं गईं और उन्होंने देश के लिए खेलना ज्यादा जरूरी समझा।

टीम ने जीत को लालरेमसियामी के पिता को समर्पित किया

वहीं भारतीय टीम की कैप्टन रानी रामपाल ने भी मैच की जीत को लालरेमसियामी के पिता को समर्पित किया। लालरेमसियामी जब अपने घर पहुंची तो वो खुद को रोक न सकीं और अपनी मां के गले लगकर रो पड़ीं। मिजोरम सरकार के अधिकारी और उनके पूरे गांव के लोग वहां पर मौजूद थे।

किरण रिजिजू ने भी किया ट्वीट

उनके खेल के प्रति जुनून को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने ट्विटर पर लालरेमसियामी के पिता के निधन की बात शेयर की। मंत्री ने लिखा कि भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी लालरेमसियामी के पिता का निधन हो गया। इस समय भारत, हिरोशिमा में सेमीफाइनल खेल रहा था। उन्होंने (लालरेमसियामी) अपने कोच से कहा कि मैं अपने पिता को गर्व महसूस करवाना चाहती हूं। मैं खेलना चाहती हूं और भारत को क्वालीफाई करवाना चाहती हूं।

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