Thursday , June 17 2021
Home > Understand India > मिलिए रियल लाइफ की हीरोइन से, मगरमच्छों से भरी नदी पार कर लोगों का इलाज करने जाती है ये नर्स
nurse-crosses-crocodile-river-help-villagers-chhattisgarh

मिलिए रियल लाइफ की हीरोइन से, मगरमच्छों से भरी नदी पार कर लोगों का इलाज करने जाती है ये नर्स

अपनों के लिए तो सब जीते हैं लेकिन दूसरों के लिए जीना ही जीवन होता है। ऐसी ही एक महिला है जो साहसी है, हिम्मतवाली है और  निडर भी है। सबसे बड़ी बात कि वो खुद की जान दांव पर लगाकर दूसरों की जान बचाती है। दुनिया में बहुत कम लोग ही वैसे होते हैं, जिनके लिए हमारे दिल में सम्मान की भावना होती है, ये बहादुर महिला उनमें से ही एक है।

 

शायद ही किसी के अंदर खतरनाक मगरमच्छ का सामना करने की हिम्मत होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ की रहने वाली सुनीता ठाकुर हर दिन बिना डरे इनका सामना करती हैं। सुनीता पेशे से एक नर्स हैं और लगभग पिछले 7 सालों से मगरमच्छों से भरी नदी को पार कर, वो दंतेवाड़ा जिले की गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का ख्याल रखती हैं।

 

सुनीता के साथ कितनी बार ऐसा हुआ होगा कि उन पर मगरमच्छों ने हमला किया, लेकिन वो बिना डरे बिना किसी लालच के अपना ड्यूटी पूरा करते रहीं। दरअसल, दंतेवाड़ा जिला नक्सली प्रभावित क्षेत्र है, जहां स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं न के बराबर हैं।

 

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान सुनीता कहती हैं कि ‘मैं अपने काम को लेकर फोकस हूं। मैं खुद की बनाई हुई नाव का इस्तेमाल करके इंद्रावती नदी पार करती हूं और उसके बाद मैं गांव के लोगों के इलाज के लिए घने जंगलों को भी पैदल ही पार करती हूं।’ नदी पार करने के बाद भी करीब 8 से 10 किलोमीटर पैदल ही सफर करना पड़ता है।

सुनीता ने ANI को भी बताया कि ‘इस दौरान कई बार उनका सामना खतरनाक जानवरों से भी हुआ और ऐसा लगता था मानों ये मेरी जिंदगी का आखिरी दिन होगा, लेकिन मैंने कभी भी नौकरी छोड़ने का नहीं सोचा, क्योंकि मुझे मेरी जान से ज्यादा गांव वालों के जान की परवाह है।’

 

जब अच्छे कामों को बढ़ावा दिया जाता है तो अच्छा लगता है। सुनीता के इसी बहादुरी और निस्वार्थ सेवा को देखते हुए सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया है। दंतेवाड़ा जिला के कलेक्टर सौरभ कुमार ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि, ‘आने वाले स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें उनके इस साहसी काम के लिए सम्मानित किया जाएगा।’

 

ये भी पढ़ें

World Cancer Day

World Cancer Day : वो कैंसर जो लोगों में हैं सबसे कॉमन!

World Cancer Day हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। इसका मकसद पूरी दुनिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *