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players behind indian victory
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In Depth: जानिए जीत के पीछे के खिलाड़ी और पूरे टूर्नामेंट में कैसे भारत ने हर मैच एकतरफा जीता

आखिर राहुल द्रविड़ की दीवार को कंगारू नहीं गिरा पाए और खुद ही मुंह की खा कर गिर पड़े। भारत के नौजवानों ने अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर अपना कब्जा कर लिया है। न्यूजीलैंड के बे-ओवल में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पहले गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को 216 रनों पर ही रोक दिया था।

 

फिर बारी आई बल्लेबाजों की तो ओपनर “मैंडी उर्फ मनजोत कालरा” ने नाबाद सेंचुरी लगाकर टीम को विश्व विजेता बना दिया। इस वर्ल्ड कप को अगर टीम इंडिया जीत पाई है तो उसके पीछे सबसे बड़ी वजह रही है कि टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में किसी एक प्लेयर पर निर्भर नहीं रही। इस पूरे टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी ने अपना पूरा योगदान दिया है।

 

टीम इंडिया के “द वॉल” रहे राहुल द्रविड़ के इन चेलों ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में करोड़ों भारतीयों का सीना चौड़ा कर दिया है। टीम इंडिया ने सभी भारतीयों को जीत का गौरव तो दिलाया ही साथ ही जीत के बाद इन 17,18,19 साल के खिलाड़ियों ने सभी का दिल भी जीत लिया। क्योंकि इन्होंने अपनी इस जीत को इंडियन आर्मी को समर्पित किया है। सच में इस उम्र में अगर इन लोगों के अंदर आर्मी के लिए इतनी इज्जत है तो यकीनन ये सभी देशवासियों की तारीफों के लायक है।

 

खैर वापिस टीम इंडिया के खेल पर आते हैं। आपको बता दें कि भारत ने अंडर-19 में ये चौथा खिताब जीता है। इससे पहले साल 2000 में भारत ने मोहम्मद कैफ की कप्तानी में खिताब अपने नाम किया था। फिर सीनियर टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में भी टीम इंडिया ने साल 2008 में ये खिताब जीता था। इसके बाद साल 2012 में टीम इंडिया ने उनमुक्त चंद की कप्तानी में विश्व कप अपने नाम किया था। अब साल 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में टीम इंडिया एक बार फिर से चैंपियन बन गया है।

 

भारत की इस जीत में अगर खिलाड़ियों की तारीफ की जाए तो वो गलत नहीं हैं लेकिन इस तारीफ के एक हकदार टीम के हेडकोच राहुल द्रविड़ भी हैं। राहुल द्रविड़ की सोच और कार्यशैली का इस जीत में बहुत बड़ा योगदान रहा है। अक्सर देखा जाता था कि राहुल द्रविड़ बहुत जिद्दी थे अपने खेल में, अगर उन्होंने ठान लिया होता था कि वो आउट नहीं होंगे तो एकदम दीवार की तरह खड़े रहते थे और क्रीज पर तो मानों ऐसे चिपक जाते थे जैसे किसी ने उनके पैरों में फेविकोल लगा दिया हो। इस बार भी ये राहुल द्रविड़ की ही जिद्द रही होगी कि जीत के साथ ही वापिस जाएंगे। तो लो एक बार फिर वो पूरी हो गई।

 

 

राहुल द्रविड़ की जितनी मर्जी तारीफ कर सकते हैं लेकिन अभी फिलहाल उन खिलाड़ियों पर एक नजर डाल लेते हैं जिन्होंने खेल के मैदान में खेला है। चलिए आपको बताते हैं जूनियर टीम इंडिया की जीत के 6 सबसे बड़े हीरो के बारे में-

 

शुभमन गिल

पंजाब का ये दाएं हाथ का बल्लेबाज तब सुर्खियों में आया जब इसने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक जड़ा। हालांकि फाइनल में शुभमन ने भले ही सिर्फ 31 रन ही बनाए हो लेकिन टीम इंडिया को फाइनल तक पहुंचाने के सफर में इस खिलाड़ी का अहम रोल रहा है। शुभमन गिल ने 6 मैचों में 181.00 की औसत से 362 रन बनाए।

 

 

मनजोत कालरा

एक बार फिर पंजाब के ही एक खिलाड़ी की बात करेंगे। ये खिलाड़ी वैसे तो पूरे टूर्नामेंट में ज्यादा नजर नहीं आया लेकिन मानों मनजोत ने अपना सबसे बेस्ट खेल वर्ल्ड कप के लिए बचाकर रखा हुआ था। फाइनल में कालरा की नाबाद 101 रनों की पारी ने उन्हें टॉप-3 भारतीय बल्लेबाजों में जगह दिला दी है। साथ ही विश्व के ऐसे 5 खिलाड़ियों में जगह दिला दी है जिन्होंने वर्ल्ड कप के फाइनल में सेंचुरी लगाई हो।

 

 

पृथ्वी शॉ

हम ये कह सकते हैं कि पृथ्वी शॉ से और बेहतर प्रदर्शन की सभी को उम्मीदें थी। लेकिन शॉ ने कम स्कोर किया पर नियमित रूप से टीम को अपना योगदान दिया है। पृथ्वी ने 6 मैचों की 5 पारियों में 65.25 की औसत से 261 रन बनाए और वो भारत के दूसरे सबसे कामयाब बल्लेबाज रहे।

 

अनुकूल रॉय

जहां बल्लेबाजों ने अपना कहर दिखाया तो गेंदबाज कहां पीछे रहने वाले थे। टीम इंडिया के स्पिनर अनुकूल रॉय ने नियमित अंतराल पर टीम को विकेट दिलाएं और 14 विकेट लेकर पूरे टूर्नामेंट में सबसे सफल गेंदबाज बन गए।

 

 

नागरकोटी-शिवम की जोड़ी

भारत के इन दो तेज गेंदबाजों ने पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों को ये दिखाकर हैरान कर दिया कि रफ्तार सिर्फ सीनियर खिलाड़ियों के पास ही नहीं होती है। भारत के ये 19 साल के लड़के भी 145 किमी प्रति घंटे से ऊपर की रफ्तार से गेंद डाल सकते हैं। इन दोनों ने पूरे टूर्नामेंट में 9-9 विकेट लिए।

 

 

एकतरफा जीते हर मैच

वैसे भी सीरीज की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने विश्व कप पर अपना दावा ठोक दिया था और टीम इंडिया ने विरोधी टीमों को इस कदर धूल चटाई कि सभी के सभी मैच टीम इंडिया ने एकतरफा कर जीता।

 

वर्ल्ड कप के मैचों में भारत की हुई बड़ी जीतें-

पहला: 100 रनों से ऑस्ट्रेलिया को हराया।

दूसरा : 10 विकेट से पापुआ न्यूगिनी को हराया।

तीसरा : 10 विकेट से न्यूजीलैंड को हराया।

क्वार्टर फाइनल: 131 रनों से बांग्लादेश पर जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई।

सेमीफाइनल: भारत ने पाकिस्तान को 203 रनों से हराया।

फाइनल: ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर विश्व कप अपने नाम किया।

 

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