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राहुल द्रविड़ हैं एक TRUE GENTLEMAN, इन किस्सों से आप भी मान जाएंगे ये बात

टीम इंडिया के द वॉल ने हर मौके पर ये साबित किया है कि वो एक जेंटलमैन गेम के जेंटलमैन प्लेयर रहे हैं। टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे राहुल द्रविड़ वैसे तो एक बहुत बड़ी शख्सियत हैं लेकिन उनकी सादगी और उनका दिल उन्हें एक नेक शख्स भी बना देता है। कभी वो पब्लिक ट्रांस्पोर्ट में घूमते नजर आ चुके है तो कभी आम नागरिक की तरह लाइन में लगे हुए भी, और कभी वो बाकियों के हक के लिए आवाज उठाते नजर आए हैं।

साल 2017 में राहुल के कोच रहते हुए टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। भारतीय टीम की इस जीत के बाद बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ को 50 लाख और बाकी सहयोगी स्‍टाफ को कम राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन द्रविड़ को ये भेदभाव अच्छा नहीं लगा था और उन्होंने इसका विरोध कर दिया था।

राहुल ने अपनी नाराजगी जताते हुए बीसीसीआई से कहा था कि टीम की जीत में सभी की भूमिका एक जैसी रही है। तो ऐसे में सभी को एक जैसा पुरस्‍कार भी दिया जाए। राहुल द्रविड़ ने ये मांग रखते हुए अपनी इनामी राशि लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद बीसीसीआई ने द्रविड़ की ये मांग मान ली कि टीम इंडिया की जीत में भूमिका निभाने वाले सभी सहयोगी स्‍टाफ को बराबर राशि मिलेगी।

लेकिन ये पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इस तरह के कदम उठाया हो। वो पहले भी खुद को एक जेंटलमैन साबित कर चुके हैं।

पूरी की थी कैंसर मरीज की आखिरी इच्‍छा

राहुल द्रविड़ ने एक साल पहले एक कैंसर मरीज की आखिरी इच्‍छा पूरी की थी। दरअसल कैंसर पेशेंट चाहता था कि वो एक बार उनसे मिले। लेकिन उस समय द्रविड़ IPL मैच में व्‍यस्‍त थे, लेकिन उन्होंने उस कैंसर पेशेंट के लिए अपना समय निकाला और उसकी आखिरी इच्‍छा को पूरा किया। द्रविड़ ने स्‍काइप के जरिये उस शख्स से करीब 1 घंटे तक बातचीत की और उससे सामने न मिल पाने के लिए माफी भी मांगी।

अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेटर होकर खेला क्‍लब क्रिकेट

कभी सोचा भी नहीं जा सकता कि कोई अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर का खिलाड़ी क्‍लब क्रिकेट खेल सकता है। जब उसके पास नाम-पैसा दोनों की कोई कमी न हो फिर ऐसे में वो भला क्‍लब के लिए क्रिकेट क्‍यों खेले? लेकिन राहुल द्रविड़ एकमात्र दिग्गज खिलाड़ी हैं जिसने मदद के लिए क्‍लब क्रिकेट भी खेला है।

दरअसल, द्रविड़ ने जिस क्‍लब से अपने करियर की शुरुआत की थी, उस क्‍लब क्रिकेट को अपनी पहचान बचाने के लिए एक जीत की जरूरत थी। अगर वो क्‍लब हार जाती तो उसकी वरियता खत्‍म हो जाती। उस क्‍लब क्रिकेट टीम के कोच ने द्रविड़ से कहा और आग्रह किया कि वो टीम के साथ खेले। द्रविड़ ने बिना कुछ सोचे क्‍लब क्रिकेट खेला और उस टीम को जीत भी दिलाई।

विरोधी टीम की भी करते थे मदद

राहुल अपने करियर के दौरान हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए सबसे आगे रहा करते थे। एक बार इंग्‍लैंड की टीम भारत के दौरे पर टेस्‍ट सीरीज खेलने के लिए आई हुई थी और उनके बल्‍लेबाजों को भारतीय स्पिनरों ने काफी परेशान किया था। तब द्रविड़ ने इंग्लैंड के खिलाड़ी केविन पीटरसन को एक पत्र लिखकर स्पिनरों को खेलने का तरीका बताया था।

भारतीय टीम के मुख्‍य कोच का ऑफर ठुकराया

राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई ने भारतीय टीम का मुख्‍य कोच बनने का ऑफर दिया था। लेकिन उस समय उन्होंने बीसीसीआई को साफ मना कर दिया था और कहा था कि सीनियर टीम को तो कोई भी अच्‍छा कोच मिल जाएगा, लेकिन भारतीय क्रिकेट का जो भविष्‍य हैं उन्‍हें तैयार करना ज्‍यादा जरूरी है तब उन्‍होंने अंडर-19 टीम को कोचिंग देने की इच्‍छा जताई थी और आज उनके इस फैसले का नतीजा सबके सामने है।

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