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IPL इतिहास में जब खिलाड़ियों ने अपनी खेल भावना से जीता सभी का दिल
(Photo: Surjeet Yadav/IANS)

IPL इतिहास में जब खिलाड़ियों ने अपनी खेल भावना से जीता सभी का दिल

क्रिकेट एक जेंटलमेन गेम के नाम से जाना जाता है, लेकिन कई बार ऐसे कुछ वाक्या सामने आ जाते हैं जिनसे इस जेंटलमेन गेम की जेंटलनेस पर सवाल खड़े हो जाते हैं। IPL का 12वां सीजन जोरो पर है, लेकिन किंग्स XI पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन की एक हरकत ने उनकी खेल भावना पर सवाल उठा दिए। जॉस बटलर का विकेट लेने के लिए उन्होंने मांकडिंग रन आउट किया। ऐसे में कई जगहों पर उनकी आलोचना भी हुई। भारत समेत विदेशी क्रिकेट दिग्गजों ने भी अश्विन के इस कदम को गलत बताया, और खेल भावना फिर से कटघरे में खड़ी हो गई थी।

इस पूरे वाक्या के 2 पहलू निकल कर आए कि मांकडिंग नियमों के हिसाब से सही है लेकिन खेल भावना के हिसाब से गलत है। क्योंकि अश्विन ने बटलर को पहले किसी तरह की चेतावनी नहीं दी थी और फ्लो में खिलाड़ी क्रीज से बाहर निकल जाता है। हालांकि कई लोगों को ये भी मानना है कि
अश्विन ने जो किया सही किया।

क्या होता है मांकडिंग?

दरअसल मांकडिंग वो घटना होती है जब नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकल जाए और गेंदबाज उसे वहां पर गेंद डालने से पहले रन आउट कर दें। ऐसा आमूमन हम देखते हैं कि जब रनों की ज्यादा जरूरत होती है तो खिलाड़ी नॉन स्ट्राइकर से गेंद फेंकने से पहले ही कई बार बाहर होता है, जिस कारण वो रन जल्दी दौड़कर पूरा कर लेता है। मांकडिंग उसी के लिए है। ताकि कोई भी इस तरह का गलत फायदा ना उठा सकें। लेकिन गेंदबाज आउट करने से पहले अक्सर एक बार जरूर चेतावनी देता है। लेकिन अश्विन ने ऐसा नहीं किया उन्होंने सीधा ही जॉस बटलर को आउट कर दिया था।

इसका बेशक काफी विरोध हुआ लेकिन क्रिकेट बोर्ड की तरफ से साफ किया गया कि ये बिलकुल सही है और नियम के तहत था। गौरतलब है कि लोगों ने इसे खेलभावना के विरुद्ध लिया और आलोचना हुई।

जहां एक तरफ इस घटना से खेल भावना आहत हुई तो वहीं IPL के इतिहास में कई ऐसे किस्से भी है जिनसे खेल भावना को प्रोत्साहन मिला है। तो चलिए एक बार नजर डालते हैं उन किस्सों पर जब जब क्रिकेटरों ने अपनी खेल भावना से सभी का दिल जीत लिया।

डेविड वॉर्नर ने रन लेते हुए पकड़ाया जूता

डेविड वॉर्नर एक ऐसे खिलाड़ी है जो अपने दम पर टीम को जीत दिलाने की क्षमता रखते हैं। जब इस खिलाड़ी का बल्ला बोलता है तो गेंदबाजों की बोलती बंद हो जाती है। लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के मन में राज करने वाले वॉर्नर अपनी अच्छी खेल भावना के लिए भी जाने जाते हैं। दरअसल साल 2017 में सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात लायंस के बीच में मैच खेला जा रहा था।

ऐसे में मैच के 10वें ओवर में मोइसिस हेनरिक्स ने बासिल थम्पी की एक गेंद पर रन लेने का प्रयास किया। लेकिन गेंद को रोकने की कोशिश में थम्पी का जूता निकल गया। वहीं नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े वॉर्नर ने रन लेते वक्त हुए एक पल के लिए रुक कर जूता गेंदबाज को पकड़ा दिया और फिर रन पूरा किया। वार्नर को क्रीज के बीचो-बीच ऐसा करता देखकर हेनरिक्स एक पल के लिए हैरान रह गए थे। लेकिन वॉर्नर की ऐसी खेल भावना मिसाल बन गई थी।

अजिंक्य रहाणे ने दिखाई खेल भावना

ये वाक्या IPL 2017 का है, राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स ने पहले क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन किया और वो सीजन के फाइनल तक पहुंची। इस टीम ने अपने जबरदस्त प्रदर्शन के साथ-साथ खेल-भावना से भी सभी का दिल जीत लिया था। इस मैच के दौरान एक ऐसी ही घटना हुई ये मुंबई की पारी का 19वां ओवर था और उनके 8 खिलाड़ी पहले ही पवेलियन लौट चुके थे।

मिचेल मैक्लेनाघन ने जयदेव उनादकट की गेंद को डीप मिड विकेट की दिशा में एक हिट लगाई, जिसे अजिंक्य रहाणे ने बाउंड्री के पास कैच पकड़ा लेकिन उनका पैर बाउंड्री पर लगी रस्सी को छू गया लेकिन ये बात सिर्फ उन्हीं को पता थी और उन्होंने गिरने से पहले उन्होंने गेंद को स्टीव स्मिथ को थमा दी।

बिना किसी हिचकिचाहट के उन्होंने इशारा कर बताया कि ये एक छक्का था। इससे न केवल उनकी तारीफ हुई बल्कि फेयर प्ले टेबल में उन्हें पॉइंट्स भी मिले। रहाणे हमेशा से सिद्धांतों पर चलने वाले खिलाड़ी रहे हैं और अपनी खेल भावना से उन्होंने सब का दिल जीत लिया।

बिना अपील के ही पवेलियन चले गए अमला

हाशिम अमला हमेशा से ही शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने IPL सीजन 2017 में शानदार प्रदर्शन किया था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी मैदान पर अपने शांत और सकारात्मक रवैये के लिए काफी ज्यादा जाने जाते हैं। उनकी खेल भावना का उदाहरण हमें IPL के 10वें सीजन में RCB के खिलाफ देखने को मिला था।

इस मैच में RCB टॉस जीतकर किंग्स इलेवन पंजाब को पहले बल्लेबाजी करने के लिए बुलाया। वहीं अनिकेत चौधरी की एक गेंद पर हाशिम अमला बड़ा शॉट खेलने में असफल रहे और गेंद सीधे विकेटकीपर के हाथों में चली गई। गौरतलब है कि मैदान में किसी ने भी इसके लिए अपील नहीं की थी। यहां तक कि विकेटकीपर को भी इस बारे में कुछ पता नहीं था। लेकिन सभी उस समय हैरान हो गए थे जब हाशिम अमला ने पवेलियन की तरफ चलना शुरू कर दिया था। दरअसल, वो गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथ में गई थी।

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