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नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

जानिए क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन?

भारत सरकार की तरफ से ‘नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन’ की शुरुआत की गई है। इस मिशन के लिए कहा जा रहा है कि ये भारत के हेल्थ सेक्टर में क्रांति लाएगा। तकनीक के माध्यम से लोगों की परेशानियां कम करने के लिए नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन लाया जा रहा है।

इस मिशन के तहत आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी एक हेल्थ आईडी में शामिल होंगी।

जानिए क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

ये आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत आता है। इसके लिए कहा जा रहा है कि कि इससे देश में स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावशीलता और पारदर्शिता आएगी। इसके तहत हर पेशेंट को जो आईडी कार्ड दिया जाएगा, उसमें उसकी गोपनीय मेडिकल डेटा, प्रेस्क्रिप्शन, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी जैसी जानकारियां डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर रहेंगी।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन से रोगियों को टेली-परामर्श और ई-फार्मेसियों के जरिए दूर से भी स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने की सुविधा होगी।

नेशनल डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को साल 2018 में नीति आयोग के द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इसके तहत व्यक्ति की सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को एक ही जगह पर रखा जाएगा।

हेल्थ आईडी /हेल्थ अकाउंट

एक यूनिक हेल्थ आईडी हर नागरिक को दी जाएगी जिसमें हर बीमारी, हर परीक्षण और सभी डॉक्टरों के साथ-साथ हुई बातचीत और दवाओं के परिणाम शामिल होंगे। इसके साथ ही ये विकल्प भी दिया जाएगा कि वो उसे आधार से लिंक करवा ले। ये हेल्थ आईडी राज्यों, अस्पतालों, पैथालॉजिकल लैब और फार्मा कंपनियों में उपयुक्त होगी। ये हेल्थ आईडी पूरी तरह से स्वैच्छिक तरीके से काम करेगी।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन ( NDHM) का उद्देश्य

इस मिशन का उद्देश्य एक नेशनल डिजिटल हेल्थ इकोलॉजी बनाना है। जो देश के नागरिकों को सस्ती और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है।

NDHM के प्रमुख बिंदु

NDHM के 6 प्रमुख बिंदु दिए गए हैं, जिसके माध्यम से नागरिकों को समय पर, सुरक्षित और सस्ती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होगी।

  1. हेल्थ आईडी (Health ID)
  2. डिजीडॉक्टर (DigiDoctor)
  3. स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (Health Facility Registry)
  4. व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (Personal Health Records)
  5. ई-फार्मेसी (e-Pharmacy)
  6. टेलीमेडिसिन (Telemedicine)

हेल्थ आईडी कार्ड कैसे बनाया जाएगा?

हेल्थ आईडी कार्ड को आधार और एक व्यक्ति के मोबाइल नंबर जैसे विवरणों की मदद से बनाया जाएगा, और प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक यूनिक आईडी बनेगी। साथ ही, हेल्थ आईडी कार्ड स्वैच्छिक होगा और किसी व्यक्ति को हेल्थ आईडी कार्ड अगर नहीं चाहिए तो उसे उपचार दिया जाएगा।

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