Wednesday , June 30 2021
Home > Lifestyle > ईद क्यों मनाई जाती है? क्या है इसे मनाने का तरीका
ईद क्यों मनाई जाती हैं

ईद क्यों मनाई जाती है? क्या है इसे मनाने का तरीका

“हिलाल-ए-ईद जो देखा तो ख्याल हुआ, उन्हें गले लगाए एक साल हुआ “। हर सच्चे मुसलमान को ईद का दिल से इंतजार रहता है। खास कर रमजान के बाद आने वाली ईद-उल फितर का तो थोड़ा ज्यादा ही, क्योंकि एक महीने तक रोजा रखने के बाद अल्लाह का शुक्राना करना भी तो जरूरी होता है। रमजान के महीने में माना जाता है कि कुरान लिखी गई थी इसलिए पूरे महीने मुसलमान कुरान में डूब जाते हैं। ऐसे में आपको बताते हैं कि ईद क्यों मनाई जाती है?

ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहते हैं। हिजरी कैलेंडर के अनुसार दसवें महीने यानी कि शव्वाल के पहले दिन इस त्योहार को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस्लामी कैलेंडर में ये महीना चांद देखने के साथ शुरू होता है। जब तक चांद नहीं दिखे तब तक रमजान का पाक महीना खत्म नहीं होता है। इस तरह रमजान के आखिरी दिन चांद दिखने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। अभी कई लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर ईद क्यों मनाई जाती है? इसके पीछे की कहानी क्या है।

ईद क्यों मनाई जाती है

ऐसा माना जाता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी। इस जीत की खुशी में सभी का मुंह मीठा करवाया गया था, इसी दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रुप में मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार हिजरी संवत 2 यानी 624 ईस्वी में पहली बार ईद-उल-फितर मनाया गया था।

भारत में कैसे बनती है सरकार, क्या होता है मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में अंतर?

वहीं, ईद क्यों मनाते हैं इसके पीछे का एक कारण और भी है। पवित्र कुरान के मुताबिक, रजमान के पाक महीने में रोजे रखने के बाद अल्लाह एक दिन अपने बंदों को इनाम देता है, जो दिन ईद का होता है। वहीं अल्लाह के बंदे उनका शुक्रिया अदा करते हैं।

सद्भाव और मदद का पैगाम देता है ये त्योहार

ईद का त्योहार सबको साथ लेकर चलने के लिए जाना जाता है। ईद पर हर मुसलमान एक साथ नमाज पढ़ते हैं और एक दूसरे को गले लगाते हैं। इस्लाम में जकात एक महत्वपूर्ण पहलू है। जिसमें हर मुसलमान को धन, भोजन और कपड़े के रूप में कुछ न कुछ दान करने के लिए कहा गया है। कुरान में जकात अल-फित्र को जरूरी बताया है इसे रमजान के अंत में और लोगों को ईद की नमाज पर जाने से पहले दिया जाता है।

ईद कैसे मनाई जाती है

ईद की शुरुआत सुबह दिन की पहली प्रार्थना के साथ होती है। जिसे सलात अल-फज्र भी कहते हैं। इसके बाद पूरा परिवार कुछ मीठा खाता है। वैसे ईद पर खजूर खाने की परंपरा है। फिर नए कपड़ें पहन कर ईद की नमाज अदा की जाती है।

दो ईद होती है

इस्लाम में 2 ईद मनाई जाती है, पहली तो मीठी ईद जिसे रमजान महीने की आखिरी रात के बाद मनाया जाता है। तो दूसरी रमजान महीने के 70 दिनों के बाद मनाई जाती है, इसे बकरीद कहते हैं। बकरा ईद को कुर्बानी की ईद भी कहते हैं। मीठी ईद को ईद उल-फितर कहते हैं और बकरी ईद को ईद उल-जुहा कहते हैं।

ये भी पढ़ें

World Cancer Day

World Cancer Day : वो कैंसर जो लोगों में हैं सबसे कॉमन!

World Cancer Day हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। इसका मकसद पूरी दुनिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *